bade hisaab se izzat bachaani padti hai | बड़े हिसाब से इज़्ज़त बचानी पड़ती है

  - Haseeb Soz
बड़ेहिसाबसेइज़्ज़तबचानीपड़तीहै
हमेशाझूटीकहानीसुनानीपड़तीहै
तुमएकबारजोटूटेतोजुड़नहींपाए
हमेंतोरोज़येज़िल्लतउठानीपड़तीहै
मुझेख़रीदनेऐसेभीलोगआतेहैं
किजिनकेकहनेसेक़ीमतघटानीपड़तीहै
मलालयेहैकियेदोनोंहाथमेरेहैं
किसीकीचीज़किसीसेछुपानीपड़तीहै
तुमअपनानामबताकरहीछूटजातेहो
हमेंतोज़ातभीअपनीबतानीपड़तीहै
  - Haseeb Soz
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