vaqt ajeeb cheez hai vaqt ke saath dhal ga.e | वक़्त अजीब चीज़ है वक़्त के साथ ढल गए

  - Hasan Aabid
वक़्तअजीबचीज़हैवक़्तकेसाथढलगए
तुमभीबहुतबदलगएहमभीबहुतबदलगए
मेरेलबोंकेवास्तेअबवोसमाअतेंकहाँ
तुमसेकहेंभीक्याकितुमदूरबहुतनिकलगए
तेज़हवानेहरतरफ़आगबिखेरदीतमाम
अपनेहीघरकाज़िक्रक्याशहरकेशहरजलगए
मौजा-ए-गुलसेहम-कनारअहल-ए-जुनूँअजीबथे
जानेकहाँसेआएथेजानेकिधरनिकलगए
शौक़-ए-विसालथाबहुतसोहैविसालहीविसाल
हिज्रकेरंगअबकहाँमौसम-ए-ग़मबदलगए
सूरत-ए-हालअबयेहैकिलोगख़िलाफ़हैंमिरे
मिरेहम-ख़याल-ओ-ख़्वाबतुमतोनहींबदलगए
बूए-गुलऔरहिसार-ए-गुलअहल-ए-चमनपेज़ुल्महै
अपनीहुदूद-ए-ज़ातसेजानकेहमनिकलगए
आब-ए-हयातजानकरज़हरपियागयायहाँ
ज़हरभीख़ामुशीकाज़हर-ए-जिस्मतमामगलगए
शम-ए-बदनभीथेकईराह-ए-जुनूँमेंहम-सफ़र
ताब-ए-मुक़ावमतथीधूपपड़ीपिघलगए
  - Hasan Aabid
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