ishq ka rog bura hai ye zamaane ke li.e | इश्क़ का रोग बुरा है ये ज़माने के लिए

  - Harshwardhan Aurangabadi
इश्क़कारोगबुराहैयेज़मानेकेलिए
आजआयाहूँमैंयेसबकोबतानेकेलिए
कैसेकहतामैंउसेरिश्तानिभानेकेलिए
पाँवबढ़तेनहींहैंहाथमिलानेकेलिए
हालदिलकातोवोचेहरेसेहीपढ़लेतीहै
झूठमैंलाखकहूँसचकोछुपानेकेलिए
क्यूँँजुदाईकावोइल्ज़ामहमेंदेतेहैं
हमनेसबकुछकियाथारिश्ताबचानेकेलिए
क़ब्रसेचीख़केचिल्लाकेमैंयेकहताहूँ
ख़ुद-कुशीकमहैतेरीयादभुलानेकेलिए
  - Harshwardhan Aurangabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy