jab hamnasheen harf-e-wafaa ko kha gaii | जब हमनशीं हर्फ़-ए-वफ़ा को खा गई

  - harshit karnatak
जबहमनशींहर्फ़-ए-वफ़ाकोखागई
अक्स-ए-क़मरबाद-ए-सबाकोखागई
बढ़तीरहीदिलमेंमेरेफिरएकदिन
वहशतमेरीकार-ए-वफ़ाकोखागई
दिनघटतेथेबढ़तेज़ियाँकेसाथसाथ
येज़िन्दगीमनकीक़ज़ाकोखागई
सरजोझुकाहाथोंकोवापिसलेलिया
मेरीअनामेरीदु'आकोखागई
चलतेरहामैंज़िन्दगीकेनक़्शपर
येबंदगीहरइल्तिजाकोखागई
  - harshit karnatak
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