hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Haidar Bayabani
gaajar boli bee mooli se
gaajar boli bee mooli se | गाजर बोली बी मूली से
- Haidar Bayabani
गाजर
बोली
बी
मूली
से
देखो
मेरे
ढंग
निराले
लाल
गुलाबी
रंग
है
मेरा
मीठा
इक
इक
अंग
है
मेरा
मुझ
से
हलवा
लोग
बनाएँ
इस
में
मेवा-जात
मिलाएँ
ख़ूब
मज़े
ले
ले
कर
खाएँ
मुझ
से
कितना
प्यार
जताएँ
तू
तो
अपनी
आप
सज़ा
है
रंग
बुरा
बे-कार
मज़ा
है
तीखी
इतनी
मुँह
जल
जाए
तुझ
को
कितने
लोग
न
खाए
मूली
बोली
तैश
में
आ
कर
जलती
है
तू
मुझ
से
गाजर
चाँदी
जैसा
रंग
है
मेरा
उजला
इक
इक
अंग
है
मेरा
मैं
हूँ
हर
पकवान
की
साथी
या'नी
दस्तर-ख़्वान
की
साथी
खाएँ
मुझ
को
लोग
घरों
घर
क्या
शबराती
क्या
मुरलीधर
तू
तो
है
हर
फ़ित्ने
की
जड़
दूर
करूँँ
मैं
पेट
की
गड़बड़
मैं
ऊँची
हूँ
तू
है
नीची
या'नी
मेरे
पैर
की
जूती
सुन
कर
तू
तू
मैं
मैं
उन
की
समझाने
को
लौकी
आई
बोली
लौकी
झगड़ा
कैसा
इंसानों
का
ये
है
शेवा
अपना
तो
संसार
अलग
है
या'नी
कारोबार
अलग
है
इक
दूजे
से
जल
जल
मरना
इंसानों
की
बातें
सब
हैं
हिन्दू
मुस्लिम
सिख
ईसाई
नादानों
की
ज़ातें
सब
हैं
लेकिन
मूली
गाजर
लौकी
आपस
में
हैं
अपने
सारे
सब
अच्छे
हैं
सब
कार-आमद
इक
बगिया
के
सपने
सारे
छोड़ो
झगड़ा
और
लड़ाई
आपस
की
ये
मार
कटाई
अब
आपस
में
जंग
न
करना
इक
दूजे
को
तंग
न
करना
- Haidar Bayabani
जंग
अपनों
के
बीच
जारी
है
सबके
हाथों
में
इक
कटारी
है
छत
हो
दीवार
हो
कि
दरवाज़ा
सबकी
अपनी
ही
ज़िम्मेदारी
है
Read Full
Santosh S Singh
Send
Download Image
35 Likes
मुनाफ़िक़
दोस्तों
से
लाख
बेहतर
हैं
ख़ुदा
दुश्मन
कि
ग़द्दारी
नवाबों
से
हुकूमत
छीन
लेती
है
Unknown
Send
Download Image
58 Likes
ज़रा
मौसम
तो
बदला
है
मगर
पेड़ों
की
शाख़ों
पर
नए
पत्तों
के
आने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
बहुत
से
ज़र्द
चेहरों
पर
ग़ुबार-ए-ग़म
है
कम
बे-शक
पर
उन
को
मुस्कुराने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
Javed Akhtar
Send
Download Image
33 Likes
उस
ने
इस
तरह
से
बदला
है
रवय्या
अपना
पूछना
पड़ता
है
हर
वक़्त,
तुम्हीं
हो
ना
दोस्त?
Inaam Azmi
Send
Download Image
41 Likes
अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
35 Likes
इस
आ
समाँ
को
मुझ
सेे
है
क्या
दुश्मनी
"अली"?
भेजूं
अगर
दु'आ
भी
तो
सर
पर
लगे
मुझे
Read Full
Ali Rumi
Send
Download Image
21 Likes
ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
चार
दिन
झूठी
बाहों
के
आराम
से
मेरी
बिखरी
हुई
ज़िंदगी
ठीक
है
दोस्ती
चाहे
जितनी
बुरी
हो
मगर
प्यार
के
नाम
पर
दुश्मनी
ठीक
है
Read Full
SHIV SAFAR
Send
Download Image
3 Likes
लुत्फ़
आता
है
बहुत
सोच
के
मुझको
कि
रक़ीब
रंगत-ए-लब
को
तेरी
पान
समझते
होंगे
Ameer Imam
Send
Download Image
30 Likes
शराफ़त
ने
मुझको
कहीं
का
न
छोड़ा
रक़ीब
अपने
ख़त
मुझ
सेे
लिखवा
रहे
हैं
Rajesh Reddy
Send
Download Image
43 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Broken Shayari
Khwab Shayari
Nature Shayari
Bewafai Shayari
Charity Shayari