itnaa kyuuñ naaraz ho mujh par yuñ mat daanto abboo jee | इतना क्यूँ नाराज़ हो मुझ पर यूँँ मत डाँटो अब्बू जी

  - Haidar Bayabani
इतनाक्यूँनाराज़होमुझपरयूँँमतडाँटोअब्बूजी
मैंहूँनन्हा-मुन्नाबच्चाइतनाजानोअब्बूजी
यूँँमतडाँटोअब्बूजी
तुमभीपहलेबच्चेहीथेयेमतभूलोअब्बूजी
नटखटभीमुझजैसेहीथेयेमतभूलोअब्बूजी
जिसदिनज़िदफ़रमाईहोगीदादासऔरदादीसे
उसदिनमारभीखाईहोगीदादासऔरदादीसे
बचपननामशरारतकाहैतुमभीसमझोअब्बूजी
यूँँमतडाँटोअब्बूजी
शैतानीभीकरतेहोंगेसचबतलाओअब्बूजी
मन-मानीभीकरतेहोंगेसचबतलाओअब्बूजी
तोड़भीडालेंहोंगेतुमनेखेलखिलौनेचाचाके
औरकभीकरडालेहोंगेकपड़ेगंदेदादाके
सारीबातेंयादकरोफिरमुझकोदेखोअब्बूजी
यूँँमतडाँटोअब्बूजी
नाग़ाभीहोजातीहोगीहफ़्तेमेंस्कूलकभी
पढ़तेपढ़तेरोज़सबक़कोबैठेहोंगेभूलकभी
टीचरजीनेग़ुस्साहोकरतुमकोमुर्ग़बनायाहोगा
हँसतेहोंगेसबहम-जोलीख़ूबमज़ाफिरआयाहोगा
जोकुछमुझसेभूलहुईहैमुआ'फ़भीकरदोअब्बूजी
यूँँमतडाँटोअब्बूजी
  - Haidar Bayabani
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