sun to sahi jahaan men hai teraa fasana kya | सुन तो सही जहाँ में है तेरा फ़साना क्या

  - Haidar Ali Aatish
सुनतोसहीजहाँमेंहैतेराफ़सानाक्या
कहतीहैतुझकोख़ल्क़-ए-ख़ुदाग़ाएबानाक्या
क्याक्याउलझताहैतिरीज़ुल्फ़ोंकेतारसे
बख़िया-तलबहैसीना-ए-सद-चाकशानाक्या
ज़ेर-ए-ज़मींसेआताहैजोगुलसोज़र-ब-कफ़
क़ारूँनेरास्तेमेंलुटायाख़ज़ानाक्या
उड़ताहैशौक़-ए-राहत-ए-मंज़िलसेअस्प-ए-उम्र
महमेज़कहतेहैंगेकिसेताज़ियानाक्या
ज़ीनासबाकाढूँडतीहैअपनीमुश्त-ए-ख़ाक
बाम-ए-बुलंदयारकाहैआस्तानाक्या
चारोंतरफ़सेसूरत-ए-जानाँहोजल्वा-गर
दिलसाफ़होतिरातोहैआईना-ख़ानाक्या
सय्यादअसीर-ए-दाम-ए-रग-ए-गुलहैअंदलीब
दिखलारहाहैछुपकेउसेदाम-ओ-दानाक्या
तब्ल-ओ-अलमहीपासहैअपनेमुल्कमाल
हमसेख़िलाफ़होकेकरेगाज़मानाक्या
आतीहैकिसतरहसेमिरेक़ब्ज़-ए-रूहको
देखूँतोमौतढूँडरहीहैबहानाक्या
होताहैज़र्दसुनकेजोनामर्दमुद्दई
रुस्तमकीदास्ताँहैहमाराफ़सानाक्या
तिरछीनिगहसेताइर-ए-दिलहोचुकाशिकार
जबतीरकजपड़ेतोउड़ेगानिशानाक्या
सय्याद-ए-गुल-एज़ारदिखाताहैसैर-ए-बाग़
बुलबुलक़फ़समेंयादकरेआशियानाक्या
बेताबहैकमालहमारादिल-ए-हज़ीं
मेहमाँसरा-ए-जिस्मकाहोगारवानाक्या
यूँँमुद्दईहसदसेदेदादतोदे
'आतिश'ग़ज़लयेतूनेकहीआशिक़ानाक्या
  - Haidar Ali Aatish
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy