नयेज़मीनहैअपनीनआसमाँअपना
अलगबनाएँहमअपनेलिएजहाँअपना
ख़याल-ए-शिकवा-ए-ज़िंदाँकिसेऐबाद-ए-चमन
नहींबहारसेकममौसम-ए-ख़िज़ाँअपना
चमनकालुत्फ़हीक्याजबकिबाल-ओ-परनरहे
बनालियाहैक़फ़सहीकोआशियाँअपना
हैंसख़्त-जानहमउनकीकलाइयाँनाज़ुक
येइम्तिहानहैउनकाकिइम्तिहानअपना
हैज़िंदगीभीयहीलुत्फ़-ए-ज़िंदगीभीयही
ख़ुदाकरेकिनहोख़त्मइम्तिहानअपना