वोक़र्या-ए-महताबरहेसुब्ह-ओ-मसायाद
कुछभीनरहेशहर-ए-तमन्नाकेसिवायाद
अनवारकीबारिशथीसर-ए-मंज़िल-ए-तैबा
हरमंज़िल-ए-ख़ुशदेखकेआताथाख़ुदायाद
अबतकहैंनिगाहोंमेंदर-ओ-बामहरमके
अबतकहैमुझेवादी-ए-रहमतकीफ़ज़ायाद
हैसीरत-ए-अतहरमिरासर्माया-ए-हस्ती
महबूब-ए-दो-आलमकीहैएकएकअदायाद
डूबेनकभीमेरेमुक़द्दरकासितारा
इकबारजोकरलेंमुझेमहबूब-ए-ख़ुदायाद
क़ुर्बानहुईजातीथींरहमतकीघटाएँ
इनकाँपतेहोंटोंकाहैअंदाज़-ए-दुआयाद
हरएककेदामनमेंमुरादोंकेगुहरथे
'हाफ़िज़'मुझेदरबारकीहैशान-ए-सख़ायाद