be-sahaaron ka intizaam karo | बे-सहारों का इंतिज़ाम करो

  - Hafeez Merathi
बे-सहारोंकाइंतिज़ामकरो
यानीइकऔरक़त्ल-ए-आमकरो
ख़ैर-ख़्वाहोंकामशवरायेहै
ठोकरेंखाओऔरसलामकरो
दबकेरहनाहमेंनहींमंज़ूर
ज़ालिमोजाओअपनाकामकरो
ख़्वाहिशेंजानेकिसतरफ़लेजाएँ
ख़्वाहिशोंकोबे-लगामकरो
मेज़बानोंमेंहोजहाँअन-बन
ऐसीबस्तीमेंमतक़यामकरो
आपछटजाएँगेहवसवाले
तुमज़राबे-रुख़ीकोआमकरो
ढूँडतेहोगिरोंपड़ोंकोक्यूँँ
उड़नेवालोंकोज़ेर-ए-दामकरो
देनेवालाबड़ाईभीदेगा
तुमसमाईकाएहतिमामकरो
बद-दुआदेकेचलदियावोफ़क़ीर
कहदियाथाकिकोईकामकरो
येहुनरभीबड़ाज़रूरीहै
कितनाझुककरकिसेसलामकरो
सर-फिरोंमेंअभीहरारतहै
इनजियालोंकाएहतिरामकरो
साँपआपसमेंकहरहेहैं'हफ़ीज़'
आस्तीनोंकाइंतिज़ामकरो
  - Hafeez Merathi
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