likh de aamil koi aisa ta'aweez | लिख दे आमिल कोई ऐसा ता'वीज़

  - Hafeez Jaunpuri
लिखदेआमिलकोईऐसाता'वीज़
यारहोजाएगलेकाता'वीज़
कबमुसख़्ख़रयेहसींहोतेहैं
सबयेबे-कारहैगंडा-ता'वीज़
हुआयारकाग़ुस्साठंडा
बार-हाधोकेपिलायाता'वीज़
सरसेगेसूकीबलाजातीहै
लाएतोरद्द-ए-बलाकाता'वीज़
मरकेभीदिलकीतड़पइतनीहै
शक़हुआमेरीलहदकाता'वीज़
हरतरहहोतीहैमायूसीजब
लोगकरतेहैंदु'आयाता'वीज़
आरज़ूख़ाकमेंदुश्मनकीमिले
इसलिएदफ़्नकियाथाता'वीज़
हाथसेअपनेजोलिक्खाउसने
हमनेउसख़तकोबनायाता'वीज़
जिससेआयाहुआदिलरुकजाए
कोईऐसाभीहैलटकाता'वीज़
दिलपसीजाकिसीदिनउनका
रोज़लिखलिखकेजलायाता'वीज़
कामलोजज़्ब-ए-मोहब्बतसे'हफ़ीज़'
नक़्शक्याचीज़हैकैसाता'वीज़
  - Hafeez Jaunpuri
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