be-mahal hai guftugoo hain be-asar ashaar abhii | बे-महल है गुफ़्तुगू हैं बे-असर अश'आर अभी

  - Habib Tanvir
बे-महलहैगुफ़्तुगूहैंबे-असरअश'आरअभी
ज़िंदगीबे-लुत्फ़हैना-पुख़्ताहैंअफ़्कारअभी
पूछतेरहतेहैंग़ैरोंसेअभीतकमेराहाल
आपतकपहुँचेनहींशायदमिरेअश'आरअभी
ज़िंदगीगुज़रीअभीइसआगकेगिर्दाबमें
दिलसेक्यूँँजानेलगीहिर्स-ए-लब-ओ-रुख़्सारअभी
हाँयेसचहैसर-ब-सरखोएगएहैंअक़्ल-ओ-होश
दिलमेंधड़कनहैअभीदिलतोहैख़ुद-मुख़्तारअभी
क्यूँँकरलूँऔरअभीसैर-ए-बहार-लाला-ज़ार
मैंनहींमहसूसकरताहूँनहीफ़-ओ-ज़ारअभी
  - Habib Tanvir
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