ek sha'ir ki zindagi ka tazziya karna | एक शाइ'र की ज़िंदगी का तज्ज़िया करना

  - H. B. Baloch
एकशाइ'रकीज़िंदगीकातज्ज़ियाकरना
इंतिहाईमुश्किलहै
किवोख़ुशहैयाना-ख़ुश
हँसताहैयारोताहै
यारोतेमेंहँसताहै
कुछभीफ़ैसलाअंदाज़अंदाज़मेंकहाजासकता
किकुछकहनेसेपहले
क्यासोचताहै
कमरेकीचार-दीवारीमें
मरनानिहायतआसानहै
मगरलफ़्ज़ोंकीइसगूना-गूँदुनियामें
एकशाइ'रकीज़िंदगीका
तज्ज़ियाकरनाइंतिहाईमुश्किलहै
किवोज़िंदाहैयामरचुकाहै
  - H. B. Baloch
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