sirat-e-ishq par dekha jo chal ke | सिरात-ए-इश्क़ पर देखा जो चल के

  - Gaurav 'aatish'
सिरात-ए-इश्क़परदेखाजोचलके
मिलेहमख़ाकमेंआतिशमेंजलके
गुल-ओ-बुलबुलसेअपनावास्ताक्या
हुएहैंहमजवाँसहरामेंपलके
ज़ियादा-तरकटीहैउम्रतन्हा
मिलेसाथीमगरदोचारपलके
मुझेसोनेनहींदेतीवोशबभर
जगातीहैजोफ़ित्नेशामढलके
हरइकपरथीनिगाह-ए-फ़ैज़उनकी
हमींथेरहगएजोहाथमलके
छुपेहोतेहैंख़ंजरआस्तींमें
मिलानाहाथतोयारोसँभलके
जोलबतकनहींसकतींवोआहें
टपकजातीहैंआँखोंसेनिकलके
तलाश-ए-रिज़्क़सेफ़ुर्सतमिलेगर
तोरखदेंहमज़मानेकोबदलके
मिरादिलआजकीफ़िक्रोंमेंगुमहै
सजाऊँख़्वाबक्या'आतिश'मैंकलके
  - Gaurav 'aatish'
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