saaqiya ye kaam kar do | साक़िया ये काम कर दो

  - Gangadhar Dhoke
साक़ियायेकामकरदो
शहरमेंबदनामकरदो
इससफ़रसेथकचुकाहूॅं
अबकहींतोशामकरदो
इसचराग़-ए-रौशनीको
जुगनुओंकेनामकरदो
तुमभीअबमिलतेनहींहो
मुझकोभीगुमनामकरदो
जबक़िलाहीरोकताहो
धूपतोनीलामकरदो
खिलगयाहैफूलकोई
मालीकोपैग़ामकरदो
हारमेंहैजीतसबकी
तोमुझेनाकामकरदो
वोअगरआग़ाज़हैतो
तुममुझेअंजामकरदो
मामलाहक़काहोतोफिर
शहरभरकोजामकरदो
सोचनाक्याजाननाक्या
जुर्मउसकेनामकरदो
ग़रज़रूरीहैतख़ल्लुस
तो'सफ़र'उपनामकरदो
  - Gangadhar Dhoke
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy