samajhta hooñ ki tu mujh se juda hai | समझता हूँ कि तू मुझ से जुदा है

  - Firaq Gorakhpuri
समझताहूँकितूमुझसेजुदाहै
शब-ए-फ़ुर्क़तमुझेक्याहोगयाहै
तिराग़मक्याहैबसयेजानताहूँ
किमेरीज़िंदगीमुझसेख़फ़ाहै
कभीख़ुशकरगईमुझकोतिरीयाद
कभीआँखोंमेंआँसूगयाहै
हिजाबोंकोसमझबैठामैंजल्वा
निगाहोंकोबड़ाधोकाहुआहै
बहुतदूरअबहैदिलसेयादतेरी
मोहब्बतकाज़मानारहाहै
जीख़ुशकरसकातेराकरमभी
मोहब्बतकोबड़ाधोकारहाहै
कभीतड़पागयाहैदिलतिराग़म
कभीदिलकोसहारादेगयाहै
शिकायततेरीदिलसेकरतेकरते
अचानकप्यारतुझपरगयाहै
जिसेचौंकाकेतूनेफेरलीआँख
वोतेरादर्दअबतकजागताहै
जहाँहैमौजज़नरंगीनी-ए-हुस्न
वहींदिलकाकँवललहरारहाहै
गुलाबीहोतीजातीहैंफ़ज़ाएँ
कोईइसरंगसेशरमारहाहै
मोहब्बततुझसेथीक़ब्ल-अज़-मोहब्बत
कुछऐसायादमुझकोरहाहै
जुदाआग़ाज़सेअंजामसेदूर
मोहब्बतइकमुसलसलमाजराहै
ख़ुदा-हाफ़िज़मगरअबज़िंदगीमें
फ़क़तअपनासहारारहगयाहै
मोहब्बतमें'फ़िराक़'इतनाग़मकर
ज़मानेमेंयहीहोतारहाहै
  - Firaq Gorakhpuri
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