हम हादसों से सीखते हर बात ही रहे

  - Faraz Ansari
हमहादसोंसेसीखतेहरबातहीरहे
रोशनहुएतोचूमतेज़ुलमातहीरहे
दरियाहैआगकातोचलेंपारडूबकर
मुमकिनहैसिर्फ़बोलनेकीबातहीरहे
वा'दातोकररहेहोमगरयेभीसोचलो
कलभीयहीहक़ीक़त-ए-जज़्बातहीरहे
तुमडिग्रियोंकेज़ोरपेहरचालहीचलो
येढालछोड़दोतोफ़क़तमातहीरहे
  - Faraz Ansari
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