ग़ज़लोंमेंअबवोरंगनरा'नाईरहगई
कुछरहगईतोक़ाफ़िया-पैमाईरहगई
लफ़्ज़ोंकायेहिसारबुलंदीनछूसका
यूँँभीमिरेख़यालकीगहराईरहगई
क्यासोचिएकिरिश्ता-ए-दीवारक्याहुआ
धूपोंसेअबजोमारका-आराईरहगई
कबजानेसाथछोड़देंदिलकीयेधड़कनें
हरवक़्तसोचतीयहीतन्हाईरहगई
अपनेहीफ़नकीआगमेंजलतेरहे'शमीम'
होंटोंपेसबकेहौसला-अफ़ज़ाईरहगई