baat kijeye gair se aur ham se munh ko moriye | बात कीजे ग़ैर से और हम से मुँह को मोड़िए

  - Fakhruddin Khan Mahir
बातकीजेग़ैरसेऔरहमसेमुँहकोमोड़िए
टुकख़ुदासडरिएइनवज़्ओंकोअपनीछोड़िए
मुँहमोड़ेगायेआसीगरयूँँहीमंज़ूरहै
लीजिएसंग-ए-जफ़ाऔरशीशा-ए-दिलतोड़िए
तोड़नादिलकातुम्हारेआगेगोआसानहै
परतुम्हेंतबजानेंजबटूटेभीदिलकोजोड़िए
यार-ए-बे-परवा-ओ-जानिबदारउसकीख़ल्क़सब
हाएकिसकेसामनेजासरकोअपनेफोड़िए
तोड़करकुछउससे'माहिर'हमकोबनआतानहीं
दिलमेंहैफिरउसकेआगेहाथअपनेजोड़िए
  - Fakhruddin Khan Mahir
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