kabhi ham phool hote the | कभी हम फूल होते थे

  - Fakhira batool
कभीहमफूलहोतेथे
गुलाबीनर्म-ओ-नाज़ुकओसमेंभीगा
महकतामुस्कुराताख़ुशबुओंकोचूमनेवाला
मोहब्बतकरनेवालेझूमउठतेजबहमेंपाते
हमेंपोरोंसेछूकररूहतकमहसूसकरतेथे
कईकॉलरकईआँखेंअनोखेवस्लकेलम्हे
हमारेमुंतज़िरहोते
हमारेहुस्नकेचर्चेगली-कूचोंमेंहोतेथे
अदाओंकेसुनहरेतीरपलकोंमेंपिरोतेथे
हुईमुद्दतकिहमपतझड़केपैरोंकीबनेहैंधूल
लेकिनयेहक़ीक़तहै
कभीहमफूलहोतेथे
  - Fakhira batool
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