jaanta hooñ ki kaii log hain behtar mujh se | जानता हूँ कि कई लोग हैं बेहतर मुझ से

  - Faizi
जानताहूँकिकईलोगहैंबेहतरमुझसे
फिरभीख़्वाहिशहैकिदेखोकभीमिलकरमुझसे
सोचताक्याहूँतिरेबारेमेंचलतेचलते
तूज़रापूछनायेबातठहरकरमुझसे
मैंयहीसोचकेहरहालमेंख़ुशरहताहूँ
रूठजाएकहींमेरामुक़द्दरमुझसे
मुझपेमतछोड़किफिरब'अदमेंपछताएगा
फ़ैसलेठीकहीहोजातेहैंअक्सरमुझसे
रातवोख़ूनरुलातीहैउदासीदिलकी
रोनेलगताहैलिपटकरमिराबिस्तरमुझसे
अहद-ए-आग़ाज़-ए-मोहब्बततिरेअंजामकीख़ैर
अबउठाएनहींउठताहैयेपत्थरमुझसे
  - Faizi
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