ham tumhaare ishq ke imkaan men | हम तुम्हारे इश्क़ के इमकान में

  - Faizan Faizi
हमतुम्हारेइश्क़केइमकानमें
फूललेकरहैंखड़ेमैदानमें
बातकोसमझोअनाएँछोड़दो
रूठकेबैठोयूँँमुल्तानमें
फूलसेख़ुश्बूजुदाहोनेलगी
रखदिएथेआपजबगुलदानमें
एकदिनदेखाकिसीकेसाथमें
हँसरहीथीबैठकरदालानमें
जाचुकेजोलोगफिरआतेनहीं
हैयहीफ़ितरतयहाँइंसानमें
पूछनाथाक्याहुआथाउसघड़ी
रोरहेथेलोगजबज़िंदानमें
इकतरफ़रखदोसभीरंगीनियांँ
इकतरफ़ग़मकोरखोमीजा़नमें
दोस्तमेरेहैंसभीअच्छेमगर
नामउनकादर्जहैशैतानमें
जबग़रीबोंकीमददकरनाकभी
यादमतरखनाउसेएहसानमें
कुछनहींहासिलहुआमुझकोयहाँ
कटरहीहैउम्रबसनुक़सानमें
आसमाँपेजबबुलानाहोख़ुदा
मौतसेकहनामिलेरमज़ानमें
देखलोबेहतरकिसीभीजानमें
कुछनहींहैख़ूबियाँफैजा़नमें
  - Faizan Faizi
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