dono jahaan se aa gaya kar ke idhar udhar ki sair | दोनों जहाँ से आ गया कर के इधर उधर की सैर

  - Faizan Hashmi
दोनोंजहाँसेगयाकरकेइधरउधरकीसैर
पूछोजारहाहूँमैंकरनेकोअबकिधरकीसैर
मिट्टीकीख़ूब-सूरतीमिट्टीमेंमिलकेदेखिए
छोड़िएइसमकीनकोकीजिएअपनेघरकीसैर
देखीनहींथीचाकनेअच्छीतरहसेदेखली
वैसेभीदिल-फ़रेबथीकूज़ेपेकूज़ा-गरकीसैर
सबकेपेड़केतलेगेंदवोघूमतीहुई
पूरीकशिशसेखींचकरकरनेलगीहैसरकीसैर
वैसेतोकुछनहींपताइतनापताहैबाग़है
बरसोंसेकररहाहूँमैंजिसकेलिएउधरकीसैर
तेरीहीसैरकेलिएआतारहूँगाबारबार
तेराथासातदिनकाशौक़मेरीहैउम्रभरकीसैर
पहलीनज़रमेंकाएनातउतनीखिलीकिजितनीथी
फिरजोनज़रनेसैरकीकरतीरहीख़बरकीसैर
  - Faizan Hashmi
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