maamooli be-kaar samajhne waale mujh se door rahen | मामूली बे-कार समझने वाले मुझ से दूर रहें

  - Faiz Alam Babar
मामूलीबे-कारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
मुझकोइकआज़ारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
पागल-पनमेंकरपागलकुछभीतोकरसकताहै
ख़ुदकोइज़्ज़त-दारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
हँसपड़ताहूँजबकोईहालातकारोनारोताहै
जीवनकोदुश्वारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
मैंवाक़िफ़हूँरंगोंकीहररंगबदलतीफ़ितरतसे
रौनक़कोबाज़ारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
मजनूँऔरशाहोंमेंकुछदिनमैंभीउट्ठाबैठाहूँ
सहराकोगुलज़ारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
मंज़िलकीख़्वाहिशहैजिनकोआएँमेरेसाथचलें
रस्तोंकोहमवारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
आँचलऔरमल्बूसपेजिनकीआँखेंचिपकीरहतीहैं
उनकोबा-क़िरदारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
'फ़ैज़-आलम-बाबर'ख़ुदभीयारहैजानेकिसकिसका
यारोंकोमक्कारसमझनेवालेमुझसेदूररहें
  - Faiz Alam Babar
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