raaz-e-ulfat chhupa ke dekh liya | राज़-ए-उल्फ़त छुपा के देख लिया 

  - Faiz Ahmad Faiz
राज़-ए-उल्फ़तछुपाकेदेखलिया
दिलबहुतकुछजलाकेदेखलिया
औरक्यादेखनेकोबाक़ीहै
आपसेदिललगाकेदेखलिया
वोमिरेहोकेभीमिरेहुए
उनकोअपनाबनाकेदेखलिया
आजउनकीनज़रमेंकुछहमने
सबकीनज़रेंबचाकेदेखलिया
'फ़ैज़'तकमील-ए-ग़मभीहोसकी
इश्क़कोआज़माकेदेखलिया
आजउनकीनज़रमेंकुछहमने
सबकीनज़रेंबचाकेदेखलिया
'फ़ैज़'तकमील-ए-ग़मभीहोसकी
इश्क़कोआज़माकेदेखलिया
  - Faiz Ahmad Faiz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy