ham ne sab she'r men sanwaare the | हम ने सब शे'र में सँवारे थे

  - Faiz Ahmad Faiz
हमनेसबशे'रमेंसँवारेथे
हमसेजितनेसुख़नतुम्हारेथे
रंग-ओ-ख़ुशबूकेहुस्न-ओ-ख़ूबीके
तुमसेथेजितनेइस्तिआरेथे
तेरेक़ौल-ओ-क़रारसेपहले
अपनेकुछऔरभीसहारेथे
जबवोलाल-ओ-गुहरहिसाबकिए
जोतिरेग़मनेदिलपेवारेथे
मेरेदामनमेंगिरेसारे
जितनेतश्त-ए-फ़लकमेंतारेथे
उम्र-ए-जावेदकीदु'आकरते
'फ़ैज़'इतनेवोकबहमारेथे
  - Faiz Ahmad Faiz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy