khwaahishein intizaar aur yaqeen | ख़्वाहिशें इंतिज़ार और यक़ीन

  - Faisal Nadeem Faisal
ख़्वाहिशेंइंतिज़ारऔरयक़ीन
वसवसेबे-शुमारऔरयक़ीन
तीनअरकानआदमियतके
आजिज़ीइंकिसारऔरयक़ीन
इज़्न-ए-रब्ब-उल-अला-ओ-राज़-ओ-नियाज़
आपसिद्दीक़-ओ-ग़ारऔरयक़ीन
राह-ए-दुश्वारलड़खड़ातेक़दम
दश्त-ए-हैरतग़ुबारऔरयक़ीन
जंगमेंजीतकीज़मानतहैं
हौसलाइख़्तियारऔरयक़ीन
मुस्तक़िलइश्क़कीहिमायतमें
लोगहमतीनचारऔरयक़ीन
मंज़िलेंबद-गुमानियाँवहशत
फ़ासलासंग-ओ-ख़ारऔरयक़ीन
मंज़िलोंकासुराग़औरहुसूलइश्क़परइंहिसारऔरयक़ीन
लीजिएइम्तिहान'फ़ैसल'का
कीजिएएकबारऔरयक़ीन
  - Faisal Nadeem Faisal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy