gham bhi sadiyon se hain aur deeda-e-tar sadiyon se | ग़म भी सदियों से हैं और दीदा-ए-तर सदियों से

  - Faheem Jogapuri
ग़मभीसदियोंसेहैंऔरदीदा-ए-तरसदियोंसे
ख़ाना-बर्बादोंकेआबादहैंघरसदियोंसे
दर-ब-दरउनकाभटकनातोनईबातनहीं
चाहनेवालेतोहैंख़ाक-बसरसदियोंसे
कोईमुश्किलमसाफ़तहैरस्तेकीथकन
अस्लज़ंजीरहैसामान-ए-सफ़रसदियोंसे
तुझसेमिलनेकेसिवासारीदुआएँगुलशन
इकयहीशाख़हैबे-बर्ग-ओ-समरसदियोंसे
क्यामुसाफ़िरहैंयेरस्तेमेंभटकनेवाले
जैसेबे-सम्तघटाओंकासफ़रसदियोंसे
किसनेदेखीहैज़मानेमेंवफ़ाकीख़ुश्बू
येकहानीहैकिताबोंमेंमगरसदियोंसे
हरज़मानेमेंख़ुशामदनेसदारतकीहै
कामराँहोतारहाहैयेहुनरसदियोंसे
मा-सिवाहुस्नकहींइश्क़नेदेखा'फहीम'
एकहीसम्तकोजामिदहैनज़रसदियोंसे
  - Faheem Jogapuri
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