bahut kuchh chahta tha main | बहुत कुछ चाहता था मैं

  - Ekram Khawar
बहुतकुछचाहताथामैं
हमेशाचाहताथामैं
किदुनियाख़ूब-सूरतहो
किजैसी
प्यारकरतेवक़्तहोतीहै
चाहताथा
शामहोतेहीउतरआए
फ़लकसेचाँदबच्चोंकीहथेलीमें
किशब
तारीकहोजितनीमगर
नमहोखनकहो
औरपूरबकीहवाएँ
सुबुकरफ़्तारगुज़रें
छतोंपरओसहो
औरआँगनोंमेंकहकशाँउतरे
हमेशाचाहताथामैं
किआँसूहीनहींहों
औरअगरहोंतो
वफ़ूर-ए-सर-कशीके
ज़बाँमेंकोईलुक्नत
औरहोंटोंमें
कोईलर्ज़िशहोहरगिज़
अगरहोतो
मोहब्बतकीतपिशमें
ख़ुदाओंकीतरहक़ादिर
हमारेबापबूढेहीहों
औरअप्सराओंऔरपरियोंसी
हसींमहबूबमाएँ
अपनेबच्चोंकोरोएँ
किसीबच्चेकीआँखोंमें
कभीवहशतदरआए
कोईदुनियासेना-महरमगुज़रे
जवाँहोनेसेपहलेसारेबच्चे
भागजाएँअपनेघरसे
औरदुनियाएँबसाएँ
याकोईबच्चा
किसीघरसेभागे
हमारेगाँवकीअल्हड़हसीनाकीजवानी
इतनीजल्दीतोगुज़रे
बहुतदिनबहुतदिनऔर
ठहरे
औरजश्नकीशब
जबबिसात-ए-रक़्सक़ाएमहो
रौशनीबरदारचेहरेभी
मुनव्वरहों
चाहताथाकिजिन्हेंहोनेकाकोईहक़नहींथा
ऐसेसारेलफ़्ज़बाहरहों
ज़बानोंसेहमारी
औरदुनियाभरकेसारेलोग
शाइ'रहों
हमेशाचाहताथा
बड़ीमा'मूलीचीज़ेंचाहताथामैं
किजैसेचाहताथा
साथएकलड़कीका
सर्दयख़-बस्ताहवाओंमें
शरारेभरनेवाली
एकलड़की
याकोईमर्तूबमौसम
याकिशबनममेंनहाई
सीढ़ियोंसेचाँदतकभीगीहुईइकरात
शब-ए-सेहरा
मुलाएमगरम-जोशीसेबनीदुनिया
हलावतऔरहिद्दतसेबनीदुनिया
सीना-ए-शाइरमेंइकमग़रूरपरचम
एकलड़की
एकदुनिया
बहुतमा'मूलीचीज़ेंचाहताथामैं
किजैसेचाहताथा
ज़िंदगीमेंकोईमौसीक़ीकोईनग़्मा
आशनाईदर्दकेमिज़राबसे
सर्दज़िंदगीकाकोई
बरजस्तातराना
एककमराऔरबिस्तर
एकरजाई
मेज़औरकुर्सी
किताबेंऔरदवाएँ
दोस्तोंकेख़त
एकखिड़कीऔरथोड़ीछत
थोड़ीमस्तीऔरबे-ख़ौफ़ी
मैंयेभीचाहताथा
औरवोभीचाहताथा
मैंसबकुछचाहताथा
बहुतमा'मूलीचीज़ेंचाहताथामैं
बहुतमा'मूलीचीज़ोंपरटिकीथीज़िंदगीमेरी
मुझेअफ़्सोसहैइसका
मेरीआँखोंनेदेखाथा
जहाँको
आरिज़-ए-महबूबकीसूरत
हमारेज़ेहनमें
हरख़्वाबकीतफ़्सीलथी
हरहुस्नकाइम्कानथा
आसमाँकुछभीनहीं
एकखेलकामैदानथा
बच्चोंकीख़ातिर
औरसमुंदरमहज़एककाँचकीचादर
जिसेलिखनेकीख़ातिर
मेज़पररखागयाथा
वाक़िआ'तोयेहैकि
दुनिया
मिरेकमरेसेज़ियादा
कुछनहींथी
मुझेमालूमथा
किफूलकिसगोशेमेंहोंगे
क़लमहोगाकहाँपर
किसजगहखेलेंगेबच्चे
औरख़ंजर
किसजगहहोगा
  - Ekram Khawar
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