khoon-e-naahq thii faqat duniya-e-aab-o-gil ki baat | ख़ून-ए-नाहक़ थी फ़क़त दुनिया-ए-आब-ओ-गिल की बात

  - Ejaz Warsi
ख़ून-ए-नाहक़थीफ़क़तदुनिया-ए-आब-ओ-गिलकीबात
येहैमहशरक्यूँँयहाँहोदामन-ए-क़ातिलकीबात
आजक्यूँँअश्कोंमेंहैअक्स-ए-तबस्सुमजल्वा-गर
गईक्याअपनीहदपरग़मकेमुस्तक़बिलकीबात
हरनज़ररंगीनी-ए-रुख़तकपहुँचकररहगई
फूलअबकिससेकहेंगुलशनमेंज़ख़्म-ए-दिलकीबात
देखतेहीरहगएक़ानून-ए-क़ुदरतअहल-ए-ज़ब्त
लेउड़ीख़ाकिस्तर-ए-परवानाजबमहफ़िलकीबात
नाख़ुदाहमऔरतूफ़ाँसेकरेंफ़िक्र-ए-फ़रार
हमकभीकरतेनहींसाहिलपेभीसाहिलकीबात
होजाएफिरशुऊ'र-ए-कारवाँनज़्र-ए-फ़रेब
छेड़दीहैराहबरनेआजफिरमंज़िलकीबात
कोईअपनाहैकोईहमदम-ओ-दर्द-आश्ना
ख़ुदाकिससेकहे'एजाज़'अपनेदिलकीबात
  - Ejaz Warsi
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