dast-e-shafqat kata aur hawa men mualllaq hua | दस्त-ए-शफ़क़त कटा और हवा में मुअल्लक़ हुआ

  - Ejaz Rizvi
दस्त-ए-शफ़क़तकटाऔरहवामेंमुअल्लक़हुआ
आँखझपकीतोपलकोंपेठहरीहुईख़्वाहिशेंधूलमेंअटगईं
शहर-ए-बीनाकीसड़कोंपेना-बीनाचलनेलगे
एकनादीदातलवारदिलमेंउतरनेलगी
पाँवकीधूलज़ंजीरबनकरछनकनेलगीऔरक़दमसब्ज़-रूख़ाकसेख़ौफ़खानेलगे
ज़ेहनमेंअजनबीसर
ज़मींकेख़यालातआनेलगे
सारेना-बीनाइकदूसरेकासहाराबने
सरपेकाँटोंभराताजऔरहाथमेंमोतिएकीछड़ीथामकर
दूरसेआनेवालीसदाकेतआ'क़ुबमेंयूँँचलपड़े
जैसेउनकामसीहाइसीसम्तहो
जैसेउनकेमसीहाकीआँखोंमेंसिर्फ़उनकीतस्वीरहो
जैसेउनकेख़यालोंमेंखिलतीज़मींउनकीजागीरहो
  - Ejaz Rizvi
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