tu ne sard hawaon ki zabaan seekhi hai | तू ने सर्द हवाओं की ज़बाँ सीखी है

  - Ejaz Farooqi
तूनेसर्दहवाओंकीज़बाँसीखीहै
तेरेठंडेलम्ससेधड़कनेंयख़-बस्ताहुईंऔरमैंचुपहूँ
मैंनेवक़्त-ए-सुब्हचिड़ियोंकीसुरीलीचहचहाहटकोसुनाहै
औरमेरेज़ेहनकेसागरमेंनग़्मेंबुलबुलेबनकरउठेहैं
तेरेकड़वेबोलसेहर-सूहैंआवाज़ोंकेलाशे
औरमैंचुपहूँ
मैंनेवोमासूमप्यारेगुल-बदनदेखेहैं
जिनकेमरमरींजिस्मोंमेंपाकीज़ामोहब्बतकेनशेमनहैं
तिरेइनखुरदुरेहाथोंनेयेसारेनशेमननोचडाले
औरमैंचुपहूँ
मैंनेदेखेहैंवोचेहरेचाँदजैसेग़ुंचा-सूरत
जिनकीआँखेंआइनाहैंआनेवालेमौसमोंका
तूनेउनआँखोंमेंभीकाँटेचुभोए
औरमैंचुपहूँ
बा-कमालबा-सफ़ावोलोगभीदेखेहैंमैंने
जिनकेहोंटोंसेखिलेहैंसिद्क़दानाईकेफूल
तूनेउनहोंटोंकोघोलाज़हरमें
औरमैंचुपहूँ
  - Ejaz Farooqi
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