तूनेसर्दहवाओंकीज़बाँसीखीहै
तेरेठंडेलम्ससेधड़कनेंयख़-बस्ताहुईंऔरमैंचुपहूँ
मैंनेवक़्त-ए-सुब्हचिड़ियोंकीसुरीलीचहचहाहटकोसुनाहै
औरमेरेज़ेहनकेसागरमेंनग़्मेंबुलबुलेबनकरउठेहैं
तेरेकड़वेबोलसेहर-सूहैंआवाज़ोंकेलाशे
औरमैंचुपहूँ
मैंनेवोमासूमप्यारेगुल-बदनदेखेहैं
जिनकेमरमरींजिस्मोंमेंपाकीज़ामोहब्बतकेनशेमनहैं
तिरेइनखुरदुरेहाथोंनेयेसारेनशेमननोचडाले
औरमैंचुपहूँ
मैंनेदेखेहैंवोचेहरेचाँदजैसेग़ुंचा-सूरत
जिनकीआँखेंआइनाहैंआनेवालेमौसमोंका
तूनेउनआँखोंमेंभीकाँटेचुभोए
औरमैंचुपहूँ
बा-कमालओबा-सफ़ावोलोगभीदेखेहैंमैंने
जिनकेहोंटोंसेखिलेहैंसिद्क़ओदानाईकेफूल
तूनेउनहोंटोंकोघोलाज़हरमें
औरमैंचुपहूँ