hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ejaz Farooqi
asa-e-moosa
asa-e-moosa | असा-ए-मूसा
- Ejaz Farooqi
असा-ए-मूसा
अँधेरी
रातों
की
एक
तज्सीम
मुंजमिद
जिस
में
हाल
इक
नुक़्ता-ए-सुकूनी
न
कोई
हरकत
न
कोई
रफ़्तार
जब
आसमानों
से
आग
बरसी
तो
बर्फ़
पिघली
धुआँ
सा
निकला
असा
में
हरकत
हुई
तो
महबूस
नाग
निकला
वो
एक
सय्याल
लम्हा
जो
मुंजमिद
पड़ा
था
बढ़ा
झपट
कर
ख़िज़ाँ-रसीदा
शजर
की
सब
ख़ुश्क
टहनियों
को
निगल
गया
- Ejaz Farooqi
जिसको
बड़ा
गरूर
था
अपने
वजूद
पर
वो
आफ़ताब
शाम
की
चौखट
पे
मर
गया
Shahid Sagri
Send
Download Image
26 Likes
अपने
बदन
की
तुम
भी
हिफ़ाज़त
न
कर
सके
हम
ने
भी
ख़ूब
ग़ैर
के
चूल्हे
से
आग
ली
Harsh saxena
Send
Download Image
37 Likes
वो
आग
बुझी
तो
हमें
मौसम
ने
झिंझोड़ा
वर्ना
यही
लगता
था
कि
सर्दी
नहीं
आई
Khurram Afaq
Send
Download Image
37 Likes
जब
सर-ए-शाम
पजीराई-ए-फ़न
होती
है
शाहज़ादी
को
कनीज़ों
से
जलन
होती
है
ले
तो
आया
हूँ
तुझे
घेर
के
अपनी
जानिब
आगे
इंसान
की
अपनी
भी
लगन
होती
है
Read Full
Azhar Faragh
Send
Download Image
23 Likes
उनके
लहजे
में
आग
है
साहब
ये
तो
हम
हैं
जो
भीग
जाते
हैं
Atul K Rai
Send
Download Image
28 Likes
आग
अपने
ही
लगा
सकते
हैं
ग़ैर
तो
सिर्फ़
हवा
देते
हैं
Mohammad Alvi
Send
Download Image
36 Likes
इश्क़
पर
ज़ोर
नहीं
है
ये
वो
आतिश
'ग़ालिब'
कि
लगाए
न
लगे
और
बुझाए
न
बने
Mirza Ghalib
Send
Download Image
92 Likes
समझ
के
आग
लगाना
हमारे
घर
में
तुम
हमारे
घर
के
बराबर
तुम्हारा
भी
घर
है
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
29 Likes
मेरे
सीने
में
नहीं
तो
तेरे
सीने
में
सही
हो
कहीं
भी
आग
लेकिन
आग
जलनी
चाहिए
Dushyant Kumar
Send
Download Image
52 Likes
दिल
की
ख़ातिर
एक
रिश्ते
को
बचाने
के
लिए
आग
मैंने
ही
लगा
ली
ख़ुद
मिरे
घरबार
में
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ishaara Shayari
Sooraj Shayari
Hadsa Shayari
Inquilab Shayari
Anjam Shayari