daroon-e-ishq ajab taana-baana banta hai | दरून-ए-इश्क़ अजब ताना-बाना बनता है

  - Ejaaz tawakkal
दरून-ए-इश्क़अजबताना-बानाबनताहै
ज़रासीबातकाकितनाफ़सानाबनताहै
मियाँयेशाख़-ए-मोहब्बततुम्हारेसामनेहै
बनाओउसपेअगरआशियानाबनताहै
हमारेदर्दपड़ेहैंचहारसम्तयहाँ
सोमुस्कुराओयहाँमुस्कुरानाबनताहै
छुपाएफिरताहूँआँखोंमेंअश्ककेमोती
किजम्अ''करनेसेदौलतख़ज़ानाबनताहै
येदश्तहैयहाँदीवानगीज़रूरीहै
हरएकशख़्सजुनूँकानिशानाबनताहै
मिरीवफ़ाओंकोअबए'तिबारहासिलहै
सोउसकेघरमेंमिराआना-जानाबनताहै
तुम्हारेजैसीहैउसकेमिज़ाजमेंशोख़ी
येरंगमेरीनज़रमेंउड़ानाबनताहै
उसेबतातेहैं'ग़ालिब'केरिश्ता-दारहैंहम
हमारेसामनेजोभी'यगाना'बनताहै
रहीहोंपाँचछेपुश्तेंदरून-ए-दश्ततभी
मिरेअज़ीज़जुनूँकाघरानाबनताहै
  - Ejaaz tawakkal
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