mashware par na kahii dhoop ke chalne lag jaayen | मशवरे पर न कहीं धूप के चलने लग जाएँ

  - Ehtisham Hasan
मशवरेपरकहींधूपकेचलनेलगजाएँ
आदमीमोमबनेंऔरपिघलनेलगजाएँ
जैसेमाहौलबदलदेतीहैमुस्कानतिरी
पैरहनदेखकेमौसमबदलनेलगजाएँ
इसक़दरबुग़्ज़दिलोंमेंहैकिमा'लूमनहीं
लोगकबकिसकेलिएज़हरउगलनेलगजाएँ
देखकररौनक़-ए-बाज़ारमेंबच्चोंकासब्र
अबयेख़तराहैखिलौनेमचलनेलगजाएँ
हमभीगुलशनसेनिकलजाएँगेख़ामोशीसे
नएपौदेतोज़राफूलनेफलनेलगजाएँ
मौतहैभूकहैकर्तबहैकिक्याहैजबलोग
दोसुतूनोंसेबंधीतारपेचलनेलगजाएँ
तुमबतानाकि'हसन'ख़्वाबनहींसचहैये
हमतुम्हेंदेखकेजबआँखमसलनेलगजाएँ
  - Ehtisham Hasan
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