bazm-e-tanhaai men aks-e-sho'la-paikar tha koi | बज़्म-ए-तन्हाई में अक्स-ए-शो'ला-पैकर था कोई

  - Ehteram Islam
बज़्म-ए-तन्हाईमेंअक्स-ए-शो'ला-पैकरथाकोई
याहमारेसामनेयादोंकालश्करथाकोई
क़ुर्बतोंकेघाटपरसूखीनदीसाबितहुआ
फ़ासलोंकेदश्तमेंगहरासमुंदरथाकोई
उसकीसारीइल्तिजाएँहुक्मठहराईगईं
जिसघड़ीदेखागयाजा
मेंसेबाहरथाकोई
देवताहैअबवहीमंदिरकेआसनपरजमा
ठोकरेंखाताहुआरस्तेकापत्थरथाकोई
उसकीख़्वाहिशथीकिसत्ह-ए-आबपरचलकरदिखाए
क्यामुक़द्दरथाकिदरियाकामुक़द्दरथाकोई
कर्बअपनेबौने-पनकाझेलताहूँआजतक
सोचउभरीथीबुझीमेरेबराबरथाकोई
सामनेउसकेअगरसूरजनहींथा'एहतिराम'
पानीपानीआख़िरशक्यूँँशो'ला-पैकरथाकोई
  - Ehteram Islam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy