aisi hi zameen banaa raha tha | ऐसी ही ज़मीं बना रहा था

  - Ehsan Asghar
ऐसीहीज़मींबनारहाथा
परऔरकहींबनारहाथा
उसबुतनेजहाँबनायाथाबुत
मैंबरसोंवहींबनारहाथा
मैंरातबनारहाथालेकिन
तारीकनहींबनारहाथा
सूरजतोबनारहाथारुख़्सार
महताबजबींबनारहाथा
उनआँखोंकोचूमताहवामें
कुछऔरहसींबनारहाथा
अफ़सोसवोबननहींसकाजो
मैंअपनेतईंबनारहाथा
मारागयाबद-गुमानियाँमें
बेचारायक़ींबनारहाथा
  - Ehsan Asghar
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