ho kitna bhi tumko vo dushwaar padhna | हो कितना भी तुमको वो दुश्वार पढ़ना

  - Nazar Dwivedi
होकितनाभीतुमकोवोदुश्वारपढ़ना
मगरमेरेचेहरेमेंसंसारपढ़ना
सफ़रमेंकईमरहलेयूँँभीआते
किरस्तेकोपड़तीहैदीवारपढ़ना
बिकेजारहेहैंदोकौड़ीमेंलेकिन
वोकहतेहैंहमकोभीख़ुद्दारपढ़ना
सफ़ीनेमेंरहनामगरदिलमेंअपने
हमेशाहीहाथोंकोपतवारपढ़ना
किताबेंपढ़ोचाहेइकबारबेशक
मगरज़िन्दगीकोकईबारपढ़ना
कभीघरकीहालतनेक़िस्मतमेंमेरी
लिखाहीनहींकोईइतवारपढ़ना
'नज़र'उनकीफूलोंपेटिकतीनहींहै
सिखायागयाहैजिन्हेंख़ारपढ़ना
  - Nazar Dwivedi
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