zehan men aur koi dar nahin rahne deta | ज़ेहन में और कोई डर नहीं रहने देता

  - Dwijendra Dwij
ज़ेहनमेंऔरकोईडरनहींरहनेदेता
शोरअंदरकाहमेंघरनहींरहनेदेता
कोईख़ुद्दारबचालेतोबचालेवर्ना
पेटकाँधोंपेकोईसरनहींरहनेदेता
आसमाँभीवोदिखाताहैपरिंदोंकोनए
हाँमगरउनपेकोईपरनहींरहनेदेता
ख़ुश्कआँखोंमेंउतरआताहैबादलबनकर
दर्दएहसासकोबंजरनहींरहनेदेता
एकपोरसभीतोरहताहैहमारेअंदर
जोसिकंदरकोसिकंदरनहींरहनेदेता
उनमेंइकरेतकेदरियासाठहरजाताहै
ख़ौफ़आँखोंमेंसमुंदरनहींरहनेदेता
हादसोंकाहैधुँदलकासा'द्विज'आँखोंमें
ख़ूब-सूरतकोईमंज़रनहींरहनेदेता
  - Dwijendra Dwij
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