mere bistar se roz ek insaan uthata hai | मेरे बिस्तर से रोज़ एक इंसान उठता है

  - Yuvraj Dutt
मेरेबिस्तरसेरोज़एकइंसानउठताहै
मेरेबिस्तरपेरोज़एकलाशसोतीहै
मुझेआताहैइंसानसेलाशहोजाना
ग़मकेबादलोंकाआकाशहोजाना
यक़ीनभरेवादोंकाकाशहोजाना
टूटजानाऔरपाशपाशहोजाना
वक़्तकेहाथोंमेंइकताशहोजाना
दफ्तरकेकामोंसेहताशहोजाना
मुझेआताहैइंसानसेलाशहोजाना
मैंऐसेनशेमेंसोताहूँबिछौनेपे
जैसेपालकीमेंकोईबच्चीअय्याशसोतीहै
मेरेबिस्तरसेरोज़एकइंसानउठताहै
मेरेबिस्तरपेरोज़एकलाशसोतीहै
  - Yuvraj Dutt
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