diye maati ke nahin dil ke jala karte the | दिए माटी के नहीं दिल के जला करते थे

  - Dutta Saghar
दिएमाटीकेनहींदिलकेजलाकरतेथे
कभीइसमुल्कमेंइंसाँभीरहाकरतेथे
अबतोडसतेहुएसन्नाटेहैंबसदूरतलक
गोशेगोशेमेंजहाँजश्नहुआकरतेथे
बे-सहारोंकीक़तारोंमेंउन्हेंदेखाहै
कभीजोहाथसितारोंकोछुआकरतेथे
येअजंतायेहसींताजख़बरदेताहै
पत्थरोंमेंभीयहाँचाँदखिलाकरतेथे
कैसेआतीअसरलेकेफ़लकसे'साग़र'
लोगहोंटोंसेनहींदिलसेदु'आकरतेथे
  - Dutta Saghar
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