ye zubaan hamse si nahin jaati | ये ज़ुबां हम सेे सी नहीं जाती

  - Dushyant Kumar
येज़ुबांहमसेेसीनहींजाती
ज़िन्दगीहैकिजीनहींजाती
इनसफ़ीलोंमेंवोदरारेहैं
जिन
मेंबसकरनमीनहींजाती
देखिएउसतरफ़उजालाहै
जिसतरफ़रौशनीनहींजाती
शामकुछपेड़गिरगएवरना
बामतकचांदनीनहींजाती
एकआदत-सीबनगईहैतू
औरआदतकभीनहींजाती
मयकशोमयज़रूरहैलेकिन
इतनीकड़वीकिपीनहींजाती
मुझकोईसाबनादियातुमने
अबशिकायतभीकीनहींजाती
  - Dushyant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy