hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dushyant Kumar
ye shafaq shaam ho rahi hai ab
ye shafaq shaam ho rahi hai ab | ये शफ़क़ शाम हो रही है अब
- Dushyant Kumar
ये
शफ़क़
शाम
हो
रही
है
अब
और
हर
गाम
हो
रही
है
अब
जिस
तबाही
से
लोग
बचते
थे
वो
सर-ए-आम
हो
रही
है
अब
अज़मत-ए-मुल्क
इस
सियासत
के
हाथ
नीलाम
हो
रही
है
अब
शब
ग़नीमत
थी
लोग
कहते
हैं
सुब्ह
बदनाम
हो
रही
है
अब
जो
किरन
थी
किसी
दरीचे
की
मरक़ज-ए-बाम
हो
रही
है
अब
तिश्ना-लब
तेरी
फुसफुसाहट
भी
एक
पैग़ाम
हो
रही
है
अब
- Dushyant Kumar
Download Ghazal Image
दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
34 Likes
प्यार
करने
की
हिम्मत
नहीं
उनके
पास
और
हम
सेे
किनारा
भी
होता
नहीं
बात
सीधे
कही
भी
नहीं
जा
रही
और
कोई
इशारा
भी
होता
नहीं
उसको
उम्मीद
है
ऐश
होगी
बसर
साथ
में
जब
रहेगी
मिरे
वो
मगर
मुझपे
जितनी
मुहब्बत
बची
है
सखी
इतने
में
तो
गुज़ारा
भी
होता
नहीं
Read Full
Divyansh "Dard" Akbarabadi
Send
Download Image
14 Likes
मेरा
बटुआ
नहीं
होता
है
ख़ाली
तेरी
तस्वीर
की
बरकत
रही
माँ
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
29 Likes
मेरे
होंठों
के
सब्र
से
पूछो
उसके
हाथों
से
गाल
तक
का
सफ़र
Mehshar Afridi
Send
Download Image
56 Likes
सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
36 Likes
तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
Send
Download Image
52 Likes
ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
36 Likes
मुक़र्रर
दिन
नहीं
तो
लम्हा-ए-इमकान
में
आओ
अगर
तुम
मिल
नहीं
सकती
तो
मेरे
ध्यान
में
आओ
बला
की
ख़ूब-सूरत
लग
रही
हो
आज
तो
जानाँ
मुझे
इक
बात
कहनी
थी
तुम्हारे
कान
में..
आओ
Read Full
Darpan
Send
Download Image
44 Likes
किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
Send
Download Image
585 Likes
सुखाई
जा
रही
है
जुल्फ़
धोकर
घटा
या'नी
निचोड़ी
जा
रही
है
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
31 Likes
Read More
मरना
लगा
रहेगा
यहाँ
जी
तो
लीजिए
ऐसा
भी
क्या
परहेज़
ज़रा
सी
तो
लीजिए
Dushyant Kumar
Send
Download Image
36 Likes
ये
सारा
जिस्म
झुक
कर
बोझ
से
दोहरा
हुआ
होगा
मैं
सजदे
में
नहीं
था
आप
को
धोखा
हुआ
होगा
Dushyant Kumar
Send
Download Image
33 Likes
मुझ
में
रहते
हैं
करोड़ों
लोग
चुप
कैसे
रहूँ
हर
ग़ज़ल
अब
सल्तनत
के
नाम
एक
बयान
है
Read Full
Dushyant Kumar
Send
Download Image
39 Likes
आज
वीरान
अपना
घर
देखा
तो
कई
बार
झाँक
कर
देखा
पाँव
टूटे
हुए
नज़र
आए
एक
ठहरा
हुआ
खंडर
देखा
रास्ता
काट
कर
गई
बिल्ली
प्यार
से
रास्ता
अगर
देखा
नालियों
में
हयात
देखी
है
गालियों
में
बड़ा
असर
देखा
उस
परिंदे
को
चोट
आई
तो
आप
ने
एक
एक
पर
देखा
हम
खड़े
थे
कि
ये
ज़मीं
होगी
चल
पड़ी
तो
इधर
उधर
देखा
Read Full
Dushyant Kumar
Download Image
3 Likes
भूख
है
तो
सब्र
कर,
रोटी
नहीं
तो
क्या
हुआ
आजकल
दिल्ली
में
है
ज़ेर-ए-बहस
ये
मुद्दआ
Dushyant Kumar
Send
Download Image
31 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Taj Mahal Shayari
Breakup Shayari
Hawa Shayari
Ijazat Shayari
Musafir Shayari