rishton ki bheed men bhi vo tanhaa khada raha | रिश्तों की भीड़ में भी वो तन्हा खड़ा रहा

  - Dr. Urmilesh
रिश्तोंकीभीड़मेंभीवोतन्हाखड़ारहा
नदियाँथीउसकेपासवोप्यासाखड़ारहा
सबउसकोदेखदेखकेबाहरचलेगए
वोआईनाथाघरमेंअकेलाखड़ारहा
इसदौरमेंउसशख़्सकीहिम्मततोदेखिए
अपनोंकेबीचरहकेभीज़िंदाखड़ारहा
मेरेपिताकीउम्रसेकमथीउसकीउम्र
वोगिररहाथाऔरमैंहँसताखड़ारहा
बारिशहुईतोलोगसभीघरमेंछुपगए
वोघरकीछतथाइसलिएभीगाखड़ारहा
उसघरमेंपाँचबेटेथेसबथेअलगअलग
इकबापबनकेउनकीसमस्याखड़ारहा
दुनियाकोउसनेरौशनीबाँटीतमामउम्र
लेकिनवोअपनीआगमेंजलताखड़ारहा
  - Dr. Urmilesh
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