रिश्तोंकीभीड़मेंभीवोतन्हाखड़ारहा
नदियाँथीउसकेपासवोप्यासाखड़ारहा
सबउसकोदेखदेखकेबाहरचलेगए
वोआईनाथाघरमेंअकेलाखड़ारहा
इसदौरमेंउसशख़्सकीहिम्मततोदेखिए
अपनोंकेबीचरहकेभीज़िंदाखड़ारहा
मेरेपिताकीउम्रसेकमथीनउसकीउम्र
वोगिररहाथाऔरमैंहँसताखड़ारहा
बारिशहुईतोलोगसभीघरमेंछुपगए
वोघरकीछतथाइसलिएभीगाखड़ारहा
उसघरमेंपाँचबेटेथेसबथेअलगअलग
इकबापबनकेउनकीसमस्याखड़ारहा
दुनियाकोउसनेरौशनीबाँटीतमामउम्र
लेकिनवोअपनीआगमेंजलताखड़ारहा