tum apne lab pe kabhi harf-e-muddaa na rakho | तुम अपने लब पे कभी हर्फ़-ए-मुद्दआ न रखो

  - divya 'sabaa'
तुमअपनेलबपेकभीहर्फ़-ए-मुद्दआरखो
फ़ज़ा-शनासहोदहलीज़परदियारखो
येकहकेरातकेआँचलमेंछुपगयासूरज
बहुततवीलउमीदोंकासिलसिलारखो
वोरूठजाएतोजीनामुहालहोजाए
किसीसेइतनाज़ियादाभीवास्तारखो
ख़ुदा-ए-ख़्वास्तापढ़लेकोईबचाकेनज़र
बुरामानोतोख़तमेज़परखुलारखो
नज़रसेदूरअगरहोंतोकोईबातनहीं
दिलोंकेबीच'सबा'इतनाफ़ासलारखो
  - divya 'sabaa'
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