क्या करें ख़्वाब की तितलियाँ उड़ गईं

  - divya 'sabaa'
क्याकरेंख़्वाबकीतितलियाँउड़गईं
आँखोंसेमेरीसबझलकियाँउड़गईं
यूँँचलाईहवावक़्तनेतेज़तर
दामन-ए-सब्रकीधज्जियाँउड़गईं
बदनसीबीकीजबमारउसपरपड़ी
उसकेचेहरेसेसबशोख़ियाँउड़गईं
उसकेकाँधोंपेजबघरकाबोझगया
नौजवानीकीसबमस्तियाँउड़गईं
उससेेपूछेंतोपूछेंभीहमकिसतरह
उसकेलहजेसेक्यूँतल्ख़ियाँउड़गईं
उसकीगुफ़्तारकारुख़थातूफ़ानसा
ज़ावियोंकीसभीपत्तियाँउड़गईं
दिलयेप्यासा'सबा'कातोप्यासारहा
तेज़आईहवाबदलियाँउड़गईं
  - divya 'sabaa'
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