hamaari fikr men naahak na subh-o-shaam karo | हमारी फ़िक्र में नाहक़ न सुब्ह-ओ-शाम करो

  - divya 'sabaa'
हमारीफ़िक्रमेंनाहक़सुब्ह-ओ-शामकरो
तुमअपनीराहलगोजाओअपनाकामकरो
ज़बाँतराशलोचाहेअसीर-ए-दामकरो
तुम्हेंयेहक़हैजहाँचाहेक़त्ल-ए-आमकरो
जबउनकाज़िक्रफ़सानेमेंआयाकहनेलगे
चलोहटाओयेक़िस्सायहींतमामकरो
इसपेजाओकिआईख़िज़ाँबनाम-ए-बहार
येहुक्महैकिबहारोंकाएहतिरामकरो
वोक़ब्रजिस
मेंमुक़य्यदहैबे-कसीकीसदा
'सबा'तुमउसकोगिरानेकाइंतिज़ामकरो
  - divya 'sabaa'
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