fadfadaata hai bahut jo zindagi ke jaal men | फड़फड़ाता है बहुत जो ज़िन्दगी के जाल में

  - divya 'sabaa'
फड़फड़ाताहैबहुतजोज़िन्दगीकेजालमें
वोपरिन्दाफँसगयाहैमुफ़लिसीकेजालमें
दुश्मनीकेजालमेंहमफँसनेवालेहीथे
हमकोदुश्मननेफँसायादोस्तीकेजालमें
रंग-महलोंसेउड़ाकरदूरउसकोलेगई
शाहज़ादाफँसगयाआख़िरपरीकेजालमें
ख़ाककापुतलाअसीरीकेलिएतैयारहै
जानेकैसीहैकशिशइसज़िन्दगीकेजालमें
अपनीआज़ादीकादावाचाँदहैतुझकोग़लत
तूतोकबसेफँसगयाहैआदमीकेजालमें
किसतरहइतरारहीहैज़ुल्मकीकालीघटा
जुगनूसारेक़ैदकरकेतीरगीकेजालमें
एकशाइरसेपुरानीअपनीयारीहै'सबा'
हमतोबचपनसेफँसेहैंशा'इरीकेजालमें
  - divya 'sabaa'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy