hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dipendra Singh 'Raaz'
kabhi sunsaan raaste sa kabhi sehra sa lagta hai
kabhi sunsaan raaste sa kabhi sehra sa lagta hai | कभी सुनसान रस्ते सा कभी सहरा सा लगता है
- Dipendra Singh 'Raaz'
कभी
सुनसान
रस्ते
सा
कभी
सहरा
सा
लगता
है
तुम्हारे
बिन
ये
दिन
मुझको
किसी
बेवा
सा
लगता
है
महीनों
बाद
देखा
जब
मुझे
उसने
तो
वो
बोली
कभी
हम
तुम
मिले
हैं
क्या?
तुम्हें
देखा
सा
लगता
है
- Dipendra Singh 'Raaz'
Download Sher Image
उसूली
तौर
पे
मर
जाना
चाहिए
था
मगर
मुझे
सुकून
मिला
है
तुझे
जुदा
कर
के
Ali Zaryoun
Send
Download Image
78 Likes
चाँद
का
फिर
मेरा
रस्ता
देखती
आँखें
तुम्हारी
आज
करवाचौथ
के
दिन
काश
हम
तुम
साथ
होते
Gaurav Singh
Send
Download Image
4 Likes
काम
की
बात
मैंने
की
ही
नहीं
ये
मेरा
तौर-ए-ज़िंदगी
ही
नहीं
Jaun Elia
Send
Download Image
72 Likes
हमारे
लोग
अगर
रास्ता
न
पाएँगे
शिलाएँ
जोड़
के
पानी
पे
पुल
बनाएँगे
फिर
एक
बार
मनेगी
अवध
में
दीवाली
फिर
एक
बार
सभी
रौशनी
में
आएँगे
Read Full
Amit Jha Rahi
Send
Download Image
25 Likes
वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
Send
Download Image
24 Likes
उसे
अभी
भी
मेरे
दिल
के
हाल
का
नहीं
पता
तो
यानी
उसको
अपने
घर
का
रास्ता
नहीं
पता
ये
तेरी
भूल
है
ऐ
मेरे
ख़ुश-ख़याल
के
मुझे
पराई
औरतों
से
तेरा
राब्ता
नहीं
पता
Read Full
Ruqayyah Maalik
Send
Download Image
32 Likes
मंज़िल
मिली
तो
उसकी
कमी
हमको
खा
गई
सामान
रास्ते
में
जो
खोना
पड़ा
हमें
Abbas Qamar
Send
Download Image
48 Likes
डर
हम
को
भी
लगता
है
रस्ते
के
सन्नाटे
से
लेकिन
एक
सफ़र
पर
ऐ
दिल
अब
जाना
तो
होगा
Javed Akhtar
Send
Download Image
43 Likes
चलते
हुए
मुझ
में
कहीं
ठहरा
हुआ
तू
है
रस्ता
नहीं
मंज़िल
नहीं
अच्छा
हुआ
तू
है
Abhishek shukla
Send
Download Image
25 Likes
शाम
भी
हो
गई
धुँदला
गई
आँखें
भी
मिरी
भूलने
वाले
मैं
कब
तक
तिरा
रस्ता
देखूँ
Parveen Shakir
Send
Download Image
32 Likes
Read More
तुम्हारे
शहरस
आई
हुई
'बस'
को
जो
देखा
तो
मैं
तकता
ही
रहा
इस
आस
में
के
तुम
भी
उतरोगी
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
रोकने
से
कभी
नहीं
रुकती
तेरी
यादें
भी
सांँस
जैसी
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
मैं
कैसे
चैन
से
सोऊँ
यहाँ
पर
तेरी
यादों
से
कमरा
भर
गया
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
याद
आईं
चाँद
की
देखा
जो
तुमको
चाँद
को
देखा
जो
तो
तुम
याद
आईं
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
ठुकरा
के
आ
गया
था
मैं
ख़ैरात
एक
दिन
फिर
कुछ
नहीं
बचा
मेरे
कासा-ए-इश्क़
में
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Raaz Shayari
Depression Shayari
Mayoosi Shayari
Jawani Shayari
Zakhm Shayari