आदमी के ख़ुदा बनाने से

  - Dileep "Sahib"
आदमीकेख़ुदाबनानेसे
आदमीमिटगएज़मानेसे
चढ़गएथेकईनएचेहरे
ख़ुदकाचेहराज़राहटानेसे
मातक्यूँमिलनहींरहीमुझको
औरकितनालडूँज़मानेसे
कौनपीछेपड़ाहुआहैये
पासआताहैदूरजानेसे
काँपताहीरहाबदनदिनभर
ज़ेहनमेंइकग़ज़लकेआनेसे
हैनमस्तेसलामतकहीठीक
रोपड़ूँगागलेलगानेसे
येग़ज़लभीअधूरीहै'साहिब'
रहगयाहैतूसचबतानेसे
  - Dileep "Sahib"
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